Lalit Garg

December 14, 2016

ग्वालुआं री भोज भाटी – ग्वालुओं द्वारा किसी विशेष स्थान पर भोजन पकाना और खाना

ओ -ओ बरखे , ओ -ओ बरखे, गऊआं तेरिया त्याईया, बछिया तेरिया त्याईया, ग्वालू तेरे भूखे। ओ – ओ बरखे ….. ये चंद पंक्तियाँ चरितार्थ करती […]
December 10, 2016

पारंपरिक शादी की रस्मे – हंसी- मजाक और मान्यताएं। ( सीठणियां ….. गालियां तथा तरमाउल )

हिन्दू धर्म सनातन है तथा इसके अनुसार मनुष्य के लिए गर्भधारण से लेकर अंत्येष्टि तक 16 संस्कार हैं जिसमे कि, विवाह एक अत्यधिक महत्वपूर्ण मुख्य 13वा […]
December 8, 2016

” करियाला” पहाड़ी संस्कृति में सामाजिक कुरीतियों के ऊपर व्यग्यात्मक प्रहार

प्राचीन समय में जब मनोरंजन का कोई साधन नहीं होता था उस समय इस प्रकार के उत्सवों का आयोजन लगभग हर एक गावं में होता रहता […]